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Sunday, July 15, 2018

IRCTC अकाउंट को आधार नंबर से लिंक कैसे करें/how to link Aadhar with IRCTC Account

IRCTC अकाउंट को अगर आप आधार नंबर से लिंक करना चाहते हैं तो हम आपको उन आसान स्टेप्सस्टेप्स के बारे में बताने जा रहे हैं ।जिनकी मदद से आप बहुत ही आसानी से IRCTC अकाउंट को आधार नंबर से लिंक कर सकेंगे। तो आइए जानते हैं इन आसान स्टेप्स के बारे में।

                                     भारतीय रेल

PDF फाइल को फोटो की तरह इस्तेमाल कैसे करें/how to convert PDF file to JPG file.

PDF फाइल का इस्तेमाल तो हम करते हैं, लेकिन क्या आप PDF फाइल को फोटो की तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं? अथवा क्या आप PDF फाइल को jpg फॉर्मेट में कन्वर्ट करना चाहते हैं? ऐसे में हम आपको 2 तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप PDF फाइल को JPG फॉर्मेट में कन्वर्ट कर सकते हैं।

पहला तरीका- ऐप की मदद से कन्वर्ट करें

1-Google Store पर जाकर pdf to jpg converter ऐप्स को डाउनलोड करें।
2-ऐप को ओपन करें। यहां आप को Select file का ऑप्शन दिखाई देगा, इस पर क्लिक करें।
3-अब Open बटन पर क्लिक करें और उस PDF फाइल को चुने जिसे आप JPG फॉर्मेट में कन्वर्ट करना चाहते हैं
4-select folder आइकन पर क्लिक करें।
5-आप फोल्डर को चुने जहां पर अपनी फाइल को सेव करना चाहते हैं इसके बाद सेलेक्ट फोल्डर बटन पर क्लिक करें
6-इसके बाद convert बटन पर क्लिक करें फाइल की साइज कितनी बड़ी है इसके हिसाब से समय लगेगा।

दूसरा तरीका- वेब टूल का इस्तेमाल करें

ऑनलाइन टूल्स की मदद से आप मोबाइल पर किसी भी PDF फाइल को जेपीजी में बदल सकते हैं।
1-ZAMZAR PDF TO JPG CONVERSION tool को अपने वेब ब्राउज़र में एक्टिवेट करें। इसके बाद दिए गए सभी निर्देशों को फॉलो करें।
2-choose file बटन पर क्लिक करके अपने फाइल को चुने।
3-इसके बाद JPG फॉर्मेट को चुने।
4-अब अपने उस ईमेल ID का एड्रेस डाले जहां आप अपनी कन्वर्ट की हुई फाइल को सेव करना चाहते हैं।
5-उसके बाद कन्वर्ट बटन पर क्लिक करें।
अब आपकी फाइल PDF से JPG फॉर्मेट में कन्वर्ट होने लगेगी। कन्वर्ट हो जाने पर आपके दिए हुए मेल ID पर एक लिंक आएगा जिस पर क्लिक करके दी हुई फाइल को डाउनलोड कर सकेंगे।

इसके अलावा आप Photoshop और Mac operating सिस्टम की मदद से भी PDF फाइल को जेपीजी फॉर्मेट में बदल सकते हैं।

जानकारी अच्छी लगी हो तो सब्सक्राइब जरूर करें।
धन्यवाद।

Friday, June 22, 2018

LTE और VOLTE क्या है ?

 JIO के आने के पहले हम 3G नेटवर्क ही चला रहे थे लेकिन जिओ के आने के बाद हम बहुत जल्दी कुछ नए शब्द सीख लिए। और उसका मतलब जानने के लिए Google करने लगे। साथ ही फोन लेते समय हम ध्यान देते हैं कि कौन LTE सपोर्ट करता है और कौन VOLTE तो चलिए जानते हैं LTE और VOLTE तकनीक क्या है और यह कैसे काम करती है।

LTE and VOLTE technique in Hindi

LTE क्या है-   

LTE मोबाइल internet जनरेशन की चौथी पीढ़ी है। जो 3g तकनीक से अधिक तेज डाटा प्रदान करती है इसे long term evolution के नाम से भी जाना जाता है LTE and 4G दोनों एक ही चीज है। भारत में 4जी एलटीई की सेवा देने वाले आपरेटर्स को ऑक्शन प्रदान किए गए हैं

VOLTE क्या है-

LTE या 4G तकनीक के जरिए होने वाली कॉल्स को VOLTE के नाम से जानते हैं इसे voice over long term evolution भी कहा जाता है। इसके अलावा इस तकनीक के जरिए होने वाली कॉल्स को हम HD कान कॉल भी कहते हैं क्योंकि ऐसे में कॉल क्वॉलिटी बेहतरीन हो जाती है।
हमसे जुड़े रहने के लिए धन्यवाद।

Sunday, June 10, 2018

माइक्रोवेव खरीदने जा रहे हैं, तो जानें सब कुछ

माइक्रोवेव अब लगभग सभी घरों में एक जरूरी होम एप्लायंसेज के रूप में देखा जाने लगा है। यह खाना पकाने में बहुत सहायता करता है। बात चाहे बैचलर्स के लिए झट से पकने वाले क्विक मील्स की हो या किसी गृहिणी के लिए खाने को दोबारा से चुटकियों में गर्म करना की। इसने हमारे किचन के कई कामों को पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है। यदि आप माइक्रोवेव खरीदने की सोच रहे हैं और आपको अपनी जरूरतों के हिसाब से यह तय कर पाना मुश्किल लग रहा है कि किस साइज और किस प्रकार का माइक्रोवेव खरीदें, तो कुछ जरूरी बातें हैं, जिन्हें आप नया माइक्रोवेव ओवन खरीदते समय ध्यान में जरूर रखें।

                     माइक्रोवेव के प्रकार


सोलो या कन्वेंशनल माइक्रोवेव- यह माइक्रोवेव छोटा होता है और आसानी से ऑपरेट किया जा सकता है। इसकी कीमत भी अधिकतर लोगों के बजट में आसानी से समा सकती है। इसमें बेकिंग और ग्रिलिंग को छोड़कर डिफ्रॉस्टिंग फूड और खाना गर्म करने जैसे बेसिक कामों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसको खरीदते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि इसके अंदर रखा खाना अच्छी तरह से दिखता हो। साथ ही बनावट ऐसी हो कि आप इसे आसानी से साफ कर सकें।सोलो माइक्रोवेव की कीमत फिलहाल बाजार में साइज और अलग-अलग कंपनियों के आधार पर करीब 4,500 से 8,000 रुपये के बीच है।


ग्रिल माइक्रोवेव
यह सोलो माइक्रोवेव से बिल्कुल अलग बेकिंग, ग्रिलिंग और टोस्टिंग जैसे कई काम करता है। फिलहाल यह बाजार में करीब 5,000 से 15,000 रुपये की कीमत में मिल जाता है।

कंवेक्शन माइक्रोवेव- इस माइक्रोवेव का उपयोग बारबेक्यू सहित बाकी सभी खाना पकाने के कामों में किया जा सकता है।  दरअसल यह किसी भी खाने को बेहतर बनाने के लिए उसे समान रूप से गर्म करता है। यह सोलो माइक्रोवेव और ग्रिल माइक्रोवेव की तुलना में अधिक महंगा है। इसकी कीमत करीब 9,000 से 25,000 रुपये के बीच है

कन्वेंशनल VS कंवेक्शन
कन्वेंशनल माइक्रोवेव ओवन हॉट माइक्रोवेव्स यानी तरंगे पैदा करता है, जो खाने को गर्म करने के लिए ग्लास और स्टील के कंटेनरों से गुजरती हैं। ये बेसिक माइक्रोवेव टेक्नोलॉजी को रेडिएंट हीट के साथ जोड़ती हैं और ओवन में रखे खाने को गर्म करने के लिए गर्म हवा छोड़ती है। दूसरी ओर कंवेक्शन माइक्रोवेव के पास गर्म हवा को ओवन में फैलाने के लिए एक हीटिंग एलिमेंट के साथ फैन भी होता है, जिसकी वजह से खाना एकसमान पकता है। प्रि

माइक्रोवेव का आकार
माइक्रोवेव का आकार लोगों के हिसाब से चुना जा सकता है, जिनके लिए भोजन बनाया जाना है। मान लीजिए कि आपके परिवार में दो-तीन सदस्य हैं, तो एक छोटे आकार वाला माइक्रोवेव (18-20 लीटर) सबसे अच्छा होगा। इसी तरह बड़े परिवार के लिए खाना पकाना हो, तो हाई पावर के साथ एक बड़े माइक्रोवेव की आवश्यकता होगी। इस वर्ग के लिए बड़े आकार वाले माइक्रोवेव (23-28 लीटर) बाजार में सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।


जरूरी फीचर
ऑटोमेटिक सेंसर: ऑटोमेटिक सेंसर वाले माइक्रोवेव ओवन खाना पूरी तरह से पकने या गर्म होने के बाद स्वतः बंद हो जाते हैं। यह खाने को अधिक गर्म होने से रोकता है।

कंट्रोल पैनल: मैकेनिकल और टच कंट्रोल पैनल के साथ माइक्रोवेव खरीदना बेहतर होता है। टच कंट्रोल पैनल को सावधानी से संभालना पड़ता है, क्योंकि इसके फेल होने की संभावना होती है।

चाइल्ड सेफ्टी लॉक: यह एक जरूरी फीचर है। माइक्रोवेव ओवन खरीदते समय उन लोगों को इसे ध्यान में रखना चाहिए, जिनके परिवार में छोटे बच्चे हैं। ओवन में इलेक्ट्रिक लॉक सिस्टम ओवन से होने वाली किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचाता है।

पावर रेटिंग
बड़े आकार वाले माइक्रोवेव आमतौर पर 1000-1600 वाट बिजली की खपत करते हैं, जबकि छोटे साइज वाले 800-1000 वाट की खपत करते हैं।
साथ ही खरीदने से पहले यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि उस कंपनी का सर्विस सेंटर आपके शहर में है या नहीं। 

हम से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद्।




Friday, June 8, 2018

वाशिंग मशीन खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों को ध्यान से नोट कर लें

वाशिंग मशीन खरीदना है, पहले इन्हें जान लें, फिर खरीदें वाशिंग मशीन। आज लोगों के पास समय की कमी है। लोग इस थोड़े से समय में ही अपने ऑफिस के काम के साथ-साथ घरेलू काम भी करना चाहते हैं, जिसमें कपड़े धोना भी शामिल है। बदलती तकनीक में इसी को देखते हुए वाशिंग मशीन भी अधिक एडवांस्ड आने लगी हैं।

वाशिंग मशीन के प्रकार
वाशिंग मशीनों को फ्रंट लोडिंग और टॉप लोडिंग मशीन के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। फ्रंट लोडिंग में कपड़ों को सामने से डाला जाता है, जिन्हें आप देख पाएंगे कि कैसे कपड़े की जबरदस्त धुलाई हो रही है। वहीं, टॉप लोडिंग में कपड़े ऊपर से डाले जाते हैं। फ्रंट लोडिंग वाली वाशिंग मशीन की तुलना में टॉप लोडिंग वाशिंग मशीन सस्ती होती है।

फुली या सेमी ऑटोमेटिक 
तकनीक के आधार पर वाशिंग मशीन दो प्रकार की होती है, फुली ऑटोमेटिक या सेमी ऑटोमेटिक। जब भी आप इसे खरीदें, तो पहले अपनी आवश्यकताओं को समझें, फिर निर्णय लें। फुली ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन  कपड़े अंदर डालने के बाद स्वतः धोती एवं सुखाती है। लेकिन, सेमी ऑटोमेटिक वाशिंग मशीन में आपको टब में कपड़े निकाल ड्रायर में डालने होते हैं। यह फुली ऑटोमेटिक से सस्ती होती है।

आरपीएम
वाशिंग मशीन में कपड़े सुखाने के लिए स्पिन चक्र को प्रति मिनट आरपीएम (रिवोल्यूशन पर मिनट) के रूप में मापा जाता है। आरपीएम जितना अधिक होगा, उतनी ही जल्दी यह आपके कपड़े को सुखाएगी। हालांकि, यह कपड़ों के प्रकारों पर निर्भर करेगा। नाजुक कपड़े के लिए, स्पिन चक्र 300-500 आरपीएम है, जबकि जींस के लिए लगभग 1,000 आरपीएम है। 

तापमान कंट्रोल
अगर वाशिंग मशीन में हीटर है, तो यह सुविधा पानी के तापमान को समायोजित करने में मदद करेगी। यह सर्दियों में ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है। इसके अलावा, गर्म पानी से कपड़े बेहतर साफ हो जाते हैं। कुछ मशीनों में भाप की सुविधा होती है, जो गंदगी और दाग से अच्छी तरह लड़ने में मदद करती है। 

हम से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद्।

Tuesday, June 5, 2018

Li-Fi तकनीक में LED बल्ब से चलता है इंटरनेट, Wi-Fi से भी तेज काम करता है

Li-Fi का पूरा फुल फॉर्म है Light Fidelity। यह वायरलेस कम्युनिकेशन पर काम करने वाली एक तकनीक है, जहां डिवाइस डाटा ट्रांसमिट के लिए प्रकाश(लाइट) का इस्तेमाल करता है।इंटरनेट के इस युग में यह तकनीक किसी क्रांति से कम नहीं है। मौजूदा समय में सिग्नल लेने और भेजने के लिए रेडियो सिग्नल्स का इस्तेमाल होता है लेकिन Li-Wi तकनीक में सिग्नल लेने और भेजने के लिए प्रकाश का इस्तेमाल होता है।
Li-Wi तकनीक कैसे काम करती है?
Li-Wi तकनीक में सिग्नल भेजने और रिसीव करने के लिए प्रकाश का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल एलईडी लाइट सिग्नल भेजने के लिए एक सेकेंड्स में लाखों बार टिमटिमाती है, जिसे हम अपनी खुली आंखों से नहीं देख पाते हैं और हमें लगता है कि बल्ब लगातार जल रहा है।

Li-Fi की खासियत

  • Li-Wi तकनीक की कई खासियतों में से एक यह भी है कोई भी आपके इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकता है जब तक आप न चाहें। ऐसा इसलिए क्योंकि इंटरनेट सिग्नल उसी जगह पर आता है जहां आपने लाइट को लगाया हो।
  • Li-Wi की दूसरी खासियतों में से एक इसका Wi-Fi की तुलना में कई गुना तेज काम करना शामिल है। आपको सिग्नल के लिए Li-Fi डॉन्गल लगाना होगा।
  • Wi-Fi तकनीक रेडियो सिग्नल पर काम करता है, Li-Fi पर्यावरण की नजर से काफी सुरक्षित तकनीक है। इसलिए इसे ग्रीन तकनीक भी कहा जा सकता है।

हमसे जुड़े रहने के लिए धन्यवाद।

फ्रिज खरीदने जा रहे हैं तो भूलकर भी ऐसी गलती ना करें

गर्मी में आप फ्रिज खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुरूप बाजार में विभिन्न ब्रांड में विभिन्न फीचर्स और आकार में फ्रिज उपलब्ध हैं।
आजकल बाजार में सिंगल डोर फ्रिज, डबल डोर, वॉर्डरोब लुक रेफ्रिजरेटर, टॉप फ्रीजर, बॉटम फ्रीजर, साइड बाय साइड फ्रीजर और बिल्ट इन फ्रीजर जैसे फीचर्स वाले कई फ्रिज उपलब्ध हैं। 

स्पेस के अनुसार
बड़े शहरों में फ्लैट सिस्टम का चलन है, जिनमें जगह की कमी को ध्यान में रखते हुए आप इस तरह के फ्रिज का चुनाव करें, जो घर के दरवाजे से आराम से अंदर आ जाए और सेट भी हो जाए। इसके अलावा रोजाना उसे बंद करने में दिक्कत भी न हो। छोटे घरों के लिए कॉम्पेक्ट डिजाइन मल्टी फ्रीजर फ्रिज भी उपलब्ध हैं, क्योंकि छोटे घरों में बड़े फ्रिज रखने में काफी दिक्कत होती है।

स्टार रेटिंग का ध्यान 
फ्रिज एक ऐसा उपकरण है, जो ज्यादातर घरों में 24 घंटे और 365 दिन चलता है, इसलिए इसमें बिजली भी काफी खर्च होती है। बाजार में फ्रिज में आपको एनर्जी सेविंग मॉडल्स भी मिलेंगे, जिसमें बिजली की खपत कम होती है। इसका पता स्टार रेटिंग से होता है, ज्यादा रेटिंग वाले फ्रिज में बिजली की खपत भी कम होती है। जितने समय में एक स्टार रेटिंग वाला फ्रिज 100 रुपये की बिजली खपत करेगा, उतने ही समय चलने में 5 स्टार रेटिंग का फ्रिज करीब 69 रुपये की बिजली की खपत करता है। लंबे समय को मद्देनजर रखते हुए 5 स्टार फ्रिज ही फायदेमंद रहेगा। बाजार में अब इन्वर्टर तकनीक पर आधारित फ्रिज भी आ गए हैं, जो 5 स्टार रेटिंग वाले सामान्य फ्रिज के मुकाबले 20 से 30 फीसदी ज्यादा एनर्जी सेविंग करते हैं। कीमत में यह फ्रिज सामान्य फ्रिज के मुकाबले थोड़े मंहगे होते हैं।

स्टाइल एवं डिजाइंस
फ्रिज की दुनिया में अब डिजाइन और स्टाइल की रेंज में भी कोई कमी नहीं है। किचन को मॉडयुलर लुक देने के लिए रेफ्रिजरेटर में अनूठे डिजाइंस मिलेंगे। नॉर्मल रेंज में फ्रिज को डिजाइनर लुक देने के लिए आजकल कई ब्रांड फ्लोरल प्रिंट्स उपलब्ध करवा कर रहे हैं, जो देखने में स्टाइलिश लगते हैं। यह प्रिंट सिंगल डोर और डबल डोर दोनों में उपलब्ध हैं। 

वैरायटी के आधार पर 
वैरायटी में सिंगल डोर, डबल डोर, साइड बाय साइड फ्रिज काउंटर डैप्थ फ्रिज, टॉप-फ्रीजर एंड बॉटम-फ्रीजर फ्रिज और फ्रीजरलेस फ्रिज आदि उपलब्ध है। इन सभी के डिजाइन, लुक, स्पेस और फीचर्स में भी अंतर होता है। साथ ही कई फ्रिज एंटी-बैक्टीरियल एयरटाइट गैस्केट के साथ भी आ रहे हैं, जिनमें बाहरी कीटाणु व बैक्टीरिया फ्रिज के अंदर रखा खाना प्रभावित नहीं कर पाते हैं। 
फ्रिज की क्षमता
छोटे परिवार यानी तीन से चार सदस्यों के लिए 190 से 250 लीटर तक की क्षमता वाला फ्रिज सही रहता है। अगर परिवार बड़ा है, तो आप अपने परिवार के सदस्यों की संख्या और जरूरत के अनुरूप ही इसकी क्षमता का चुनाव करें।  जरूरी फीचर्स फ्रिज का चुनाव करते समय उसकी क्षमता, कम्प्रेसर, कूलिंग सिस्टम, एयर फिल्टरेशन सिस्टम, डी-फ्रॉस्ट फीचर और वारंटी आदि पर ध्यान दें। इसके पश्चात ही आप फ्रिज खरीदेंगे, तो आपको इसका अच्छा परिणाम मिलेगा।

हमसे जुड़े रहने के लिए धन्यवाद।

पतंजलि सिम कार्ड और पतंजलि स्वदेशी समृद्दि कार्ड

योगगुरू बाबा रामदेव ने आयुर्वेद के साथ-साथ अब टेलीकॉम मार्केट में प्रवेश किया है। पतंजलि आयुर्वेद ने बीएसएनएल के साथ साझेदारी में स्वदेशी समृद्दि सिम कार्ड लॉन्च किया है। अब यहां दो कार्ड को लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. क्योंकि मार्केट में दो कार्ड हैं। पहला पतंजलि स्वदेशी समृद्दि सिम कार्ड है और दूसरा स्वदेशी समृद्दि कार्ड है।  पतंजलि के इन दोनों कार्ड में अंतर क्या है?
आज हम यह जानेगे।

                    पतंजलि स्वदेशी समृद्धि कार्ड

इस कार्ड का इस्तेमाल खरीदारी के लिए होगा। इसकी मेंबरशिप 100 रुपये में ली जा सकती है। इस कार्ड के साथ शॉपिंग करने पतंजलि के प्रोडक्ट्स पर 10 फीसदी का डिस्काउंट मिलेगा।


पतंजलि स्वदेशी समृद्धि सिम कार्ड

यह एक सिम कार्ड है जिसका इस्तेमाल मोबाइल फोन में होगा। यह सिम कार्ड जल्द ही बाजार में उपलब्ध हो जाएगा। इस सिम कार्ड को बीएसएनएल के साथ पार्टनरशिप में लॉन्च किया गया है। पतंजलि का कहना है कि इस सिम से हुई कमाई का इस्तेमाल सामाजिक कार्यों में होगा। इस सिम के लिए BSNL ने 144 रुपये, 792 रुपये और 1,584 रुपये के तीन डाटा और कॉलिंग वाले प्लान पेश किए हैं। अभी यह सिम पतंजलि के कर्मचारियो के लिए ही उपलब्ध हैं।